आइची-नगोया, 25 सितंबर।
जापान के नागोया में आयोजित एशियाई खेलों के दौरान शुक्रवार को टेबल टेनिस कोर्ट पर भारतीय खिलाड़ियों का मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला। महिला और पुरुष एकल स्पर्धाओं के दूसरे दौर के मुकाबलों में यशस्विनी घोरपड़े और मानुष शाह ने शानदार खेल का मुजाहिरा करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। यशस्विनी ने सीरिया की खिलाड़ी हिंद जाजा को चार-एक के अंतर से शिकस्त दी, जबकि मानुष शाह ने ईरान के फराजी बेन्यामिन को सीधे चार गेमों में चार-शून्य से करारी मात दी। हालांकि, अन्य मुकाबलों में भारत की स्टार खिलाड़ी श्रीजा अकुला को उत्तर कोरियाई प्रतिद्वंद्वी प्यों सोंग ग्योंग के खिलाफ एक-चार से हार का सामना करना पड़ा, और पुरुष एकल में मानव ठक्कर भी उत्तर कोरिया के यू ताए रयोंग से कड़े संघर्ष के बाद हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
इस बीच मिश्रित युगल वर्ग में भारत के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है, जहां मानुष शाह और दिया चितले की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए एक और पदक पक्का कर दिया है। विश्व रैंकिंग में आठवें पायदान पर मौजूद इस भारतीय युगल जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हांगकांग की बेहद मजबूत और चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी वोंग चुन टिंग और दू होई केम को तीन-एक से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश पा लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने एशियाई खेलों के टेबल टेनिस मिश्रित युगल में कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है, जो साल दो हजार अठारह के जकार्ता खेलों के बाद इस वर्ग में देश का दूसरा पदक होगा। हालांकि, हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े की दूसरी मिश्रित जोड़ी को चीन के खिलाड़ियों के हाथों सीधे सेटों में हार झेलनी पड़ी और उनका सफर क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया।












