जम्मू, 25 सितंबर।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बाली भगत ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा कांग्रेस नेतृत्व के बयानों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ जैसे आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर तथ्य और प्रमाण सामने रखने चाहिए।
बाली भगत ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के लिए ठोस तथ्य और साक्ष्य जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि संविधान का उल्लेख करने के साथ उसके तहत स्थापित संस्थाओं का सम्मान करना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी या कांग्रेस के पास चुनावी अनियमितताओं से संबंधित प्रमाण हैं तो उन्हें सक्षम संवैधानिक या कानूनी प्राधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। भगत ने कांग्रेस नेतृत्व पर मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर अलग-अलग रुख अपनाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि चुनाव से संबंधित वास्तविक शिकायतों का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने वाले राजनीतिक आरोपों के बजाय शिकायतों को उचित मंच पर उठाने की जरूरत है।
बाली भगत ने सोनिया गांधी के नाम के 1980 की मतदाता सूची में होने को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सक्षम कानूनी प्राधिकारी ही दस्तावेजों और तथ्यों की जांच कर निष्कर्ष तय करेंगे। उनके अनुसार, किसी आरोप को बार-बार दोहराने से वह तथ्य साबित नहीं हो जाता।
उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से चुनावी व्यवस्था और डिजिटल प्रणालियों को लेकर दिए गए स्पष्टीकरण का भी उल्लेख किया। भगत ने कहा कि गंभीर आरोप लगाने वालों को उनके समर्थन में सत्यापन योग्य प्रमाण सामने रखने चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भारत में चुनाव प्रक्रिया का संचालन करने वाला संवैधानिक निकाय है। चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी शिकायत को उचित संवैधानिक और कानूनी मंच पर उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से आरोपों के बजाय दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की।












