थूथुकुडी, 29 सितंबर।
तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के पूर्वी तटीय क्षेत्र में नमक के खेतों के बीच बड़ी संख्या में फ्लेमिंगो दिखाई दिए। उथले जलाशयों में इनके झुंड ने तटीय क्षेत्र का दृश्य आकर्षक बना दिया है।
नमक के खेतों में बने जलाशय प्रवासी पक्षियों के लिए अनुकूल स्थान साबित हो रहे हैं। यहां उपलब्ध खारा पानी और पर्याप्त भोजन फ्लेमिंगो को प्रवास के दौरान भोजन और विश्राम के लिए बेहतर वातावरण दे रहा है।
सर्दियों के प्रवास के मौसम के साथ इन पक्षियों की आमद शुरू हुई है। थूथुकुडी जिले के पेरुंगुलम गांव के आर्द्र क्षेत्रों और जलाशयों में भी बड़ी संख्या में जलपक्षी पहुंच चुके हैं।
इस बार कई प्रवासी पक्षियों ने यहां अपेक्षाकृत जल्दी दस्तक दी है। इनमें कुछ पक्षियों के साइबेरिया से आने की संभावना जताई जा रही है। पक्षियों की मौजूदगी से पक्षी प्रेमियों और स्थानीय लोगों का ध्यान भी आकर्षित हुआ है।
पेरुंगुलम के जलक्षेत्र प्रवासी पक्षियों को भोजन, पानी और ठहरने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराते हैं। क्षेत्र के अन्य कई जलाशयों के सूखने के बाद भी पेरुंगुलम में पानी मौजूद है, जिससे आसपास के जिलों से पक्षी यहां पहुंच रहे हैं।
पेरुंगुलम की एक खासियत यह है कि यहां पक्षियों का मौसम तमिलनाडु के अन्य जलाशयों की तुलना में पहले शुरू होता है। यहां जुलाई से अक्टूबर के बीच पक्षियों की मौजूदगी देखी जाती है, जबकि राज्य के कई अन्य जलाशयों में पक्षियों का मौसम अक्टूबर से शुरू होता है।














