भोपाल, 1 अक्टूबर।
मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण का दायरा कूनो राष्ट्रीय उद्यान से आगे बढ़ रहा है। कूनो के बाद गांधी सागर में भी चीतों की मौजूदगी मजबूत हुई है और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों को बसाने की तैयारी आगे बढ़ रही है। वन्यजीव सप्ताह-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संरक्षण के साथ वन पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोजेक्ट चीता की सफलता ने प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के संकल्प को और मजबूत किया है। उन्होंने इसके लिए वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 30 सितंबर को जारी अपने वन्यजीव सप्ताह संदेश में प्रोजेक्ट चीता की सफलता को भारत की प्रमुख संरक्षण उपलब्धियों में शामिल किया।
वन्यजीव संरक्षण के साथ सुरक्षित आवागमन के लिए वन्यजीव गलियारे और जुड़े प्राकृतिक आवासों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के लिए निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन, स्थानीय जागरूकता और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात कही गई।
भारत अंतरराष्ट्रीय बिग कैट गठबंधन के माध्यम से बाघ, शेर, तेंदुआ और जगुआर जैसी बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े अनुभव साझा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने वन्यजीव सप्ताह पर प्रदेशवासियों और वन संरक्षण से जुड़े कर्मचारियों से जंगलों की सुरक्षा में सहयोग की अपील की।














