सरकार के बहुत महत्वपूर्ण पद पर रहे एक बड़े साहब का बंगला राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालय के नजदीक बनाया गया है। पहले साहब जो कहते थे, समय से पहले सहयोगी स्टाफ पूरा करता था, लेकिन साहब के राजधानी से रवाना होते ही अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। अब सभी काम के पहले राशि की मांग करते देखे जा सकते हैं।














