एक जिले में पदस्थ युवा बड़े साहब अपने जिले से संबंधित एक मीटिंग में राजधानी पधारे। राजधानी में उनके पास अभी सरकारी बंगला है, जहां परिवार रहता है। साहब अपने अधिकृत निवास की जगह ऑफिसर्स मेस में न रुककर किसी आलीशान होटल में रुके। अब खुफिया तंत्र और मित्र यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर माजरा क्या है। कहीं कोई वो तो पिक्चर में नहीं आ गई है?














