पिछले कुछ वर्षों में एक माननीय का अचानक उदय और जिले की सीमा पार करते हुए शीर्ष स्तर तक पहुंचना कार्यकर्ताओं के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। चर्चा यह भी है कि पार्टी में केवल कृपा ही नहीं, कर्मठता, लगन, मेहनत और समर्पण का भी सम्मान होता है।
मध्यप्रदेश के कई युवा जनप्रतिनिधि लंबे समय से खुद को प्रदेश की राजनीति में स्थापित करने के लिए पसीना बहा रहे हैं, लेकिन मंजिल अभी दूर है। ऐसे में स्वाभाविक सवाल है कि सफलता का वह फार्मूला आखिर है क्या, जिसकी जानकारी अभी तक बाकी लोगों को नहीं मिली?














