बड़े स्तर पर अपने विभाग में विकास कार्यों की योजनाओं को स्वीकृत कराने में साहब सफल तो हो गए। बड़े बजट की खुशी मना भी नहीं पाए थे कि तभी एक खबर ने पूरे अरमानों पर पानी फेर दिया। लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर साहब और स्वीकृत बड़े बजट के बीच खलनायक कौन है?














