भोपाल, 1 अक्टूबर।
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश में 100 वर्ष या उससे अधिक आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ नागरिकों को शतायु सम्मान दिया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम सुबह 11 बजे आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में आयोजित होगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन के प्रति संकल्प को प्रमुखता दी जाएगी।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में होने वाले कार्यक्रम में 500 से अधिक वरिष्ठजन और गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
प्रदेश के हर जिले में 100 वर्ष या उससे अधिक आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ नागरिकों की पहचान कर उन्हें ‘शतायु सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। इन वरिष्ठजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर उनके दीर्घ जीवन तथा समाज में योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाएगा। वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों और अन्य वरिष्ठ नागरिकों से संवाद कर उनकी जरूरतों और समस्याओं की जानकारी भी ली जाएगी।
वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और मनोरंजन के लिए कैरम, लूडो, शतरंज तथा गीत-संगीत जैसी इंडोर गतिविधियां और प्रतियोगिताएं होंगी। इन आयोजनों के माध्यम से वरिष्ठजनों को सामाजिक रूप से सक्रिय रखने और आपसी संवाद व सहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जिला चिकित्सालयों, सिविल डिस्पेंसरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के सहयोग से होने वाले इन शिविरों में रक्तचाप, मधुमेह, नेत्र परीक्षण सहित सामान्य स्वास्थ्य जांच की जाएगी। डिजिटल सेवाओं के उपयोग में सहायता के लिए मोबाइल फोन, इंटरनेट और कंप्यूटर संबंधी प्रशिक्षण व जागरूकता शिविर भी होंगे।
वरिष्ठ नागरिकों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम-2007 और मध्य प्रदेश नियम-2009 के तहत उनके अधिकारों, सहायता तथा शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एल्डरलाइन हेल्पलाइन 14567 के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
वर्ष 2026 की अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की थीम ‘गरिमा के साथ वृद्धावस्थाः वृद्ध नागरिकों के लिए देखभाल और समर्थन प्रणालियों को मजबूत करने का महत्व’ को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में सम्मान, देखभाल, स्वास्थ्य, अधिकार और सामाजिक सहभागिता पर केंद्रित आयोजन होंगे। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।














