भोपाल, 1 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार को ‘पर्यावरण और जीवनशैली’ विषय पर प्री-सीओपी 31 परामर्श राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। इसमें जलवायु और सतत विकास के बीच बेहतर तालमेल बनाने तथा राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में राज्यों की भूमिका पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और जीवनशैली में जरूरी बदलाव से जुड़े विषयों पर विचार साझा करेंगे।
संगोष्ठी ‘लिविंग द राइट वे’ पहल की अवधारणा पर आधारित है। इसका उद्देश्य जलवायु कार्रवाई, सतत विकास और जीवनशैली में बदलाव के लिए सरकार और समाज के साझा प्रयासों को बढ़ावा देना है। इस पहल में सरकार, संस्थाओं, समुदायों और नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से जलवायु-सक्षम, समतापूर्ण और सतत समाज के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है।
पहल के तहत ऐसी जीवनशैली को बढ़ावा देने की परिकल्पना है, जो भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं, सतत विकास लक्ष्यों और पर्यावरण संरक्षण में प्रभावी योगदान दे। सरकार, नागरिक समाज, अकादमिक जगत, निजी क्षेत्र, युवाओं और समुदायों को साथ लाकर जलवायु कार्रवाई तथा सतत विकास को नीतियों, संस्थाओं और दैनिक जीवनशैली से जोड़ने पर जोर रहेगा।
संगोष्ठी में तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें नीतिगत समन्वय से पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान, राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में राज्यों की भूमिका, संक्रमण के वित्तपोषण और सीओपी31 से अपेक्षाओं जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
भारत की राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं, पंचामृत संकल्पों, मिशन लाइफ और सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में राज्यों, स्थानीय सरकारों, नागरिक समाज, अकादमिक जगत, निजी क्षेत्र, युवाओं और समुदायों की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संयुक्त संगठन मंत्री प्रवीण रामदास विशिष्ट अतिथि तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल आर्य अध्यक्ष के रूप में शामिल होंगे। मैपकास्ट, मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग, एप्को और अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ गुड गवर्नेंस एंड पॉलिसी एनालिसिस सहभागी संस्थाओं के रूप में कार्यक्रम से जुड़े हैं।














