भोपाल, 03 अक्टूबर।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित विशाल गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि आगामी 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्य प्रदेश की धरती पर नशे का कोई नामोनिशान नहीं रहेगा और राज्य को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने नए आपराधिक कानूनों की सराहना करते हुए कहा कि इनका मूलमंत्र 'न्याय है, दंड नहीं' है और नए कानूनों के तहत एफआईआर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक तीन साल के भीतर पीड़ित को न्याय दिलाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में श्वेत क्रांति को नई रफ्तार देते हुए 11 जिलों से आए करीब 35 हजार गोपालकों के बीच सिंगल क्लिक के माध्यम से उज्जैन में नए दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का भूमिपूजन, गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपये की सहायता राशि और दुग्ध संघों के सदस्यों को बोनस व लाभांश का बड़ा वितरण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में हुए इस भव्य कार्यक्रम में मध्य प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सेक्स-सॉर्टेड सीमेन तकनीक और नस्ल सुधार पर जोर दिया गया, ताकि राज्य के डेयरी सेक्टर को मजबूत किया जा सके। गृह मंत्री शाह ने कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए देश में पिछले एक दशक के दौरान दूध उत्पादन और प्रति व्यक्ति उपलब्धता में हुई ऐतिहासिक वृद्धि के आंकड़े गिनाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में डेयरी वैल्यू चेन को सुदृढ़ बनाते हुए प्रतिदिन दूध संग्रहण का लक्ष्य 50 लाख लीटर तक पहुंचाने की घोषणा की और सभी ब्लॉकों में उन्नत पशुपालकों के लिए आकर्षक प्रतियोगिताओं व पुरस्कारों का ऐलान किया, जबकि शाह ने भोपाल प्रवास के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी की।















