सागर, 7 अक्टूबर।
बुंदेलखंड में करीब 150 वर्ष बाद चीतों की वापसी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर जिले के नौरादेही क्षेत्र स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को खुले क्षेत्र में छोड़ा। इस दौरान नर चीते का नाम व्योम और मादा चीते का नाम नीरा रखा गया।
चीतों की वापसी के साथ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का तीसरा चीता आवास बन गया है। इससे पहले कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापना की जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 160 से 170 वर्ष पहले चीते देखे गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय ग्रामीणों के हित और आजीविका का ध्यान रखना भी जरूरी है। उन्होंने मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया। जंगल सफारी और अन्य गतिविधियों से होने वाली आय में ग्रामीणों और समितियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जानकारी भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2022 से चीता पुनर्स्थापना अभियान चल रहा है। यहां टाइगर समेत कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। अगले चरण में दो और चीते लाए जाएंगे।














