Naidunia Live
• टॉप न्यूज़ • मध्य प्रदेश • विज्ञान व प्रौद्योगिकी • अपराध • शिक्षा • संपादकीय • धर्म / अध्यात्म • वीडियो स्टोरी • मौसम • त्योहार • प्रेरक कहानियाँ
• वीडियो • न्यूज़ आर्काइव
संपादकीय
23 Oct, 2026

58 साल बाद जेल मैनुअल में बदलाव, सुधार की नई सोच: पुराने नियमों की जकड़न से मुक्ति की तैयारी

मध्यप्रदेश में लगभग छह दशकों पुरानी जेल नियमावली को बदलकर कैदियों के मानवीय अधिकारों, पुनर्वास और कौशल विकास पर केंद्रित नया ड्राफ्ट लागू करने की तैयारी की जा रही है।

भोपाल, 23 अक्टूबर।

मध्यप्रदेश की जेलों में 58 साल पुराने जेल मैनुअल की जगह नया मैनुअल लागू करने की तैयारी है। इसका ड्राफ्ट तैयार हो गया है और सरकार से मंजूरी मिलने के बादइसे साल के अंत तक लागू किया जा सकता है। यह बदलाव केवल किताबी नहीं, बल्कि जेल व्यवस्था की सोच में परिवर्तन का संकेत है। जेल को अब सिर्फ सजा देने की जगह नहीं, बल्कि बंदियों के सुधार और पुनर्वास के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर है।

नए ड्राफ्ट में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रावधान किया गया है कि परिवार में देखभाल करने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं होने पर पात्र बंदी को एक तिहाई सजा पूरी करने के बाद अस्थायी रिहाई मिल सकेगी। चौदह दिन की फरलो और आपातकालीन परिस्थितियों में 48 घंटे की पैरोल का प्रावधान भी किया गया है। आपातकालीन पैरोल के दौरान सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।

महिला कैदियों की तरह पुरुष बंदियों को भी छह साल तक के बच्चों को साथ रखने की अनुमति देने का प्रस्ताव है, बशर्ते बाहर उनकी देखभाल करने वाला कोई न हो। इससे बच्चों के हितों की रक्षा और माता-पिता के साथ उनके भावनात्मक संबंध बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

आदतन अपराधी की परिभाषा स्पष्ट करने के साथ विचाराधीन बंदियों को कानूनी सहायता और थर्ड जेंडर बंदियों के लिए अलग बैरक, सुरक्षा तथा मेडिकल जांच की व्यवस्था का प्रावधान भी किया गया है।

सजा पूरी करने के करीब पहुंचे बंदियों को उनकी रुचि के अनुसार कौशल प्रशिक्षण देने की योजना है। आफ्टर केयर सर्विस और खुली जेल की व्यवस्था का विस्तार रिहाई के बाद रोजगार और सामाजिक पुनर्वास के अवसर बढ़ा सकता है।

हालांकि, सुधार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। पैरोल और फरलो की पात्रता, निगरानी तथा नियमों का निष्पक्ष पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

58 साल बाद जेल मैनुअल में बदलाव का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब बंदियों को सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का अवसर मिले। नया मैनुअल ईमानदारी से लागू हुआ तो जेलें केवल सजा काटने की जगह नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास के केंद्र बन सकती हैं। यही न्याय की सार्थकता है।

|
वीडियो फीचर

एशियन पैरा गेम्स 2026 में निरंजन मुकुंदन ने जीता कांस्य पदक, भारत का बढ़ाया गौरव


एशियन पैरा गेम्स में भारत का डबल धमाका, प्रवीण को गोल्ड तो बंटी को सिल्वर

बरगलाने वालों, देश का युवा जागरूक है! 🇮🇳 | कांग्रेस और CJP पर सवाल

एम्स भोपाल की 2 युवा शोधकर्ता स्पेन में करेंगी भारत का नाम रोशन, कुष्ठ रोग पर पेश करेंगी शोध

मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम: तनावमुक्त जीवन का संदेश | मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी

मंत्री प्रहलाद पटेल और राधा सिंह ने सुनीं कार्यकर्ताओं की समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश #mpnews

आज का राशिफल

मित्तव्ययता रखें क्योंकि रुपये-पैसों की सुविधा आगे मिले न मिले। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बना रहेगा। बचते-बचते कलह विवाद का डर बना रहेगा। शुभांक-4-5-7

आज का मौसम

भोपाल

17° / 33°

Sunny

ट्रेंडिंग न्यूज़