इजरायल की रक्षा एवं सुरक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी टैबोर इलेक्ट्रॉनिक्स ने मानवरहित विमान रोधी प्रणालियों के परीक्षण और मूल्यांकन के लिए एक नई सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली पेश की है। कंपनी का दावा है कि यह नई तकनीक तेजी से बदलते ड्रोन खतरों के बीच रक्षा और सुरक्षा एजेंसियों को अधिक प्रभावी परीक्षण और तैनाती में सहायता प्रदान करेगी।
कंपनी के अनुसार यह प्रणाली उसके ‘प्रोटियस’ सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो मंच पर आधारित है, जिसके माध्यम से प्रयोगशाला में ही वास्तविक परिस्थितियों जैसे रेडियो सिग्नल वातावरण तैयार किए जा सकते हैं। इससे मानवरहित विमान रोधी प्रणालियों की क्षमता का सटीक परीक्षण संभव हो सकेगा।
टैबोर इलेक्ट्रॉनिक्स ने कहा कि कम लागत वाले ड्रोन और तेजी से बदलते संचार माध्यमों के कारण पारंपरिक हार्डवेयर आधारित परीक्षण प्रणालियां अब नई चुनौतियों के अनुरूप तेजी से अनुकूल नहीं हो पा रही हैं। नई सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली इस कमी को दूर करती है और नियंत्रित वातावरण में विभिन्न प्रकार के खतरे परिदृश्यों का परीक्षण करने की सुविधा देती है।
कंपनी के अनुसार यह तकनीक पहले ही कई मानवरहित विमान रोधी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ विकास और एकीकरण में उपयोग हो चुकी है। अब इसके व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होने के बाद रक्षा, आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और महत्वपूर्ण अवसंरचना से जुड़े संगठन इसका लाभ ले सकेंगे।
इस मंच में वाइडबैंड रेडियो सिग्नल निर्माण और अधिग्रहण क्षमता को फील्ड प्रोग्रामेबल गेट ऐरे प्रोसेसिंग, उच्च स्मृति क्षमता और हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर प्रणाली के साथ जोड़ा गया है। इससे बंद-चक्र परीक्षण प्रणाली के तहत ड्रोन पहचान और निष्क्रियकरण तकनीकों का लगातार परीक्षण और सुधार संभव होता है।
कंपनी ने बताया कि इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नए खतरे परिदृश्यों को बिना हार्डवेयर बदलाव के केवल सॉफ्टवेयर के माध्यम से जोड़ा जा सकता है, जिससे परीक्षण प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक बनती है।
टैबोर इलेक्ट्रॉनिक्स के अनुसार इस तकनीक से विकास चक्र तेज होगा, मैदानी परीक्षण पर निर्भरता कम होगी और परीक्षण अवसंरचना का जीवनकाल भी बढ़ेगा। साथ ही एक ही मंच पर कई प्रकार के रेडियो सिग्नल परीक्षण किए जा सकेंगे।
कंपनी के मुख्य उत्पाद अधिकारी मार्क एलो ने कहा कि मानवरहित विमान रोधी प्रणालियों के सामने खतरों की प्रकृति तेजी से बदल रही है, ऐसे में यह नया मंच भविष्य के संभावित खतरों के परीक्षण में भी उपयोगी साबित होगा।
उल्लेखनीय है कि टैबोर इलेक्ट्रॉनिक्स की स्थापना वर्ष 1971 में हुई थी और यह कंपनी रक्षा, अंतरिक्ष, संचार और उन्नत अनुसंधान क्षेत्रों के लिए सिग्नल निर्माण और अधिग्रहण समाधान उपलब्ध कराती है।










