नई दिल्ली, 17 अप्रैल।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक इकाई से जुड़ा जबरन धर्मांतरण का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। वकील एवं भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर इस घटना को आतंकी कृत्य तथा देश के विरुद्ध अप्रत्यक्ष युद्ध की श्रेणी में रखने की मांग की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं, जिन्हें धर्मांतरण के दबाव से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसे कृत्यों को आतंकवादी गतिविधि और भारत के खिलाफ अप्रत्यक्ष युद्ध के रूप में देखा जाना चाहिए। साथ ही इसे केवल नासिक टीसीएस तक सीमित मामला न मानते हुए एक व्यापक प्रवृत्ति के रूप में जांचने की आवश्यकता बताई गई है।
याचिका के अनुसार संगठित धर्मांतरण की घटनाएं समाज के सामाजिक ताने-बाने को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। इसमें मांग की गई है कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए विशेष अदालतों के गठन और दंड प्रावधानों को स्पष्ट एवं चरणबद्ध रूप से निर्धारित करने के निर्देश जारी किए जाएं।



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