कोलकाता, 17 अप्रैल।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने चिकित्सक देवाशीष हलदार और आसफाकुल्ला नाइया के तबादले से जुड़े राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आदेश को निरस्त कर दिया है।
न्यायमूर्ति ऋतब्रत कुमार मित्र ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपनाई गई पदस्थापन प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण है और यह स्वास्थ्य-शिक्षा विभाग की निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने संबंधित आदेश को अमान्य घोषित कर दिया।
इससे पहले चिकित्सक अनिकेत महतो के तबादले का आदेश भी न्यायालय द्वारा रद्द किया जा चुका है।
पिछले वर्ष जून में इन तीनों जूनियर चिकित्सकों देवाशीष हलदार, आसफाकुल्ला नाइया और अनिकेत महतो के तबादले को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। परामर्श प्रक्रिया के दौरान उनसे नियमानुसार उनकी पसंद के स्थान के बारे में पूछा गया था, लेकिन आरोप था कि इसके बावजूद उन्हें इच्छित स्थानों पर पदस्थापना नहीं दी गई।
आर. जी. कर अस्पताल में एक महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में चले आंदोलन के दौरान इन जूनियर डॉक्टरों के एक वर्ग ने सक्रिय भूमिका निभाई थी, और इन्हीं में ये तीनों चिकित्सक प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे।



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