राजधानी से सटे एक जिले में जल गंगा और बलराम तालाब अभियान के तहत गांव-गांव तालाब खुदवाए गए और जिले को जल संरक्षित घोषित कर दिया गया। लेकिन एक शिकायत ने पूरी तस्वीर…
राजधानी से सटे एक जिले में जल गंगा और बलराम तालाब अभियान के तहत गांव-गांव तालाब खुदवाए गए और जिले को जल संरक्षित घोषित कर दिया गया। लेकिन एक शिकायत ने पूरी तस्वीर बदल दी। जांच में पता चला कि सैकड़ों तालाब कागजों में ही बह गए। एक साफ छवि वाले अधिकारी जांच के लिए पहुंचे, लेकिन जल्द ही समझ गए कि मामला सिर्फ तालाब का नहीं, पहुंच का भी है। जिनका नाम जुड़ रहा था, उनकी पहुंच ऊपर तक बताई जा रही थी। अब हाल यह है कि तालाब तो कागजों में गायब हैं, लेकिन जांच अधिकारी की मुश्किलें असली में बढ़ गई हैं।