बरेली, 31 मार्च।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने तस्करी के मामले में पिता और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के पास से 1.75 किलोग्राम हेरोइन, 950 ग्राम स्मैक बनाने के रंग, तीन मोबाइल फोन और 87,520 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 3.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान परमानंद उर्फ पप्पू, उसके बेटे यशवीर और रविंद्र के रूप में की है, जो बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव के निवासी हैं। तीनों को 30 मार्च की रात थाना भमोरा क्षेत्र में तख्तपुर मोड़ के पास गिरफ्तार किया गया। एएनटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के आदेश पर की गई, जिसमें लखनऊ स्थित एएनटीएफ के अधिकारियों ने बरेली यूनिट को तस्करों की सूचना मिलने के बाद जाल बिछाकर आरोपियों को दबोचा।
पूछताछ में परमानंद ने बताया कि उसके पिता के नाम पर पहले अफीम की खेती का लाइसेंस था, और यहीं से उसने अफीम से क्रूड स्मैक बनाने की विधि सीखी थी। परमानंद ने बताया कि वह 2012 से स्मैक का कारोबार कर रहा था और दिल्ली समेत आसपास के जिलों में इसका वितरण कर रहा था।
पुलिस ने बताया कि परमानंद पहले भी स्मैक तस्करी के आरोप में दिल्ली और बरेली में जेल जा चुका है। इस बार भी उसके बेटे यशवीर और रविंद्र ने उसे सहयोग दिया। पुलिस ने आरोपियों को उनके जाल में फंसा लिया और बड़ी मात्रा में हेरोइन और स्मैक की सप्लाई रोक दी।
इस मामले में थाना भमोरा में एनडीपीएस एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क और उनके साथ जुड़े अन्य तस्करों के बारे में जानकारी जुटा रही है। एएनटीएफ के प्रभारी उपनिरीक्षक विकास यादव ने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।












