बीजिंग, 13 मई।
अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी दो दिवसीय अहम वार्ता गुरुवार से शुरू होगी, जिसमें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, ईरान से जुड़े हालात, ताइवान को अमेरिकी हथियार आपूर्ति, व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और शुल्क जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और भू-राजनीतिक प्रभाव को लेकर तनाव लगातार बढ़ा है। ऐसे समय में दोनों शीर्ष नेताओं की मुलाकात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खास नजरों से देखी जा रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप अपने इस दौरे पर कई बड़ी प्रौद्योगिकी और कारोबारी कंपनियों के प्रमुखों को भी साथ लेकर पहुंचे हैं, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि आर्थिक और तकनीकी सहयोग इस यात्रा के प्रमुख केंद्र में रहेगा। प्रतिनिधिमंडल में एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सन हुआंग, एप्पल के प्रमुख टिम कुक, टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क तथा ब्लैकरॉक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लैरी फिंक शामिल हैं। इसके अलावा मेटा, वीजा, जेपी मॉर्गन, बोइंग और कारगिल जैसी कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी दल का हिस्सा हैं।
चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने यात्रा को लेकर सकारात्मक रुख जताया और उम्मीद व्यक्त की कि यह दौरा वाशिंगटन और बीजिंग के संबंधों को आने वाले दशकों तक मजबूत दिशा दे सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अमेरिकी प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। इनमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और व्हाइट हाउस के प्रमुख सहयोगी शामिल हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप की वर्ष 2017 के बाद यह पहली आधिकारिक चीन यात्रा है। साथ ही दूसरी बार व्हाइट हाउस में वापसी के बाद चीन का यह उनका पहला दौरा माना जा रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।











.jpg)


.jpg)
