नई दिल्ली, 08 अप्रैल।
अमेरिका और ईरान ने दो हफ्तों के लिए संघर्ष-विराम पर सहमति जताई है, जिसे इजराइल ने भी समर्थन दिया है। व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को अंतिम रूप देने में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पहल के तहत पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से भी वार्ता की, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। इस संघर्ष-विराम के अंतर्गत अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से खोलने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान इस समुद्री मार्ग को तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत होता है, तो अमेरिका हमले रोक देगा।
ईरान ने इस प्रस्ताव को कुछ शर्तों के साथ स्वीकार किया और कहा कि हमले रोकने की स्थिति में वह भी अपनी गतिविधियों को सीमित करेगा और जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। इस दो हफ्तों के युद्धविराम में इजराइल ने भी अपनी सहमति जताई है, जिसे क्षेत्रीय तनाव को कम करने और स्थिति को स्थिर करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
व्हाइट हाउस के अनुसार यह युद्धविराम ट्रंप प्रशासन की रणनीतिक पहल का हिस्सा है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इसे अमेरिका की जीत करार देते हुए कहा कि यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सेना की सक्रिय भागीदारी से संभव हुआ। यह दो सप्ताह का विराम आगे की बातचीत और व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पर्याप्त समय देने की दृष्टि से तय किया गया है।






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