तेहरान, 08 अप्रैल।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते के बावजूद, भारत ने अपने नागरिकों को ईरान से तत्काल बाहर निकलने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे दूतावास द्वारा सुझाए गए सुरक्षित मार्गों का उपयोग करते हुए देश छोड़ें और किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा तक बिना पूर्व तालमेल के न जाएँ। दूतावास ने आपातकालीन संपर्क नंबर भी साझा किए हैं।
विदेश मंत्रालय ने हाल ही में अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि यह पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित करेगा। मंत्रालय ने कहा कि तनाव कम करना, कूटनीति और बातचीत ही मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र स्थायी रास्ता है। इस संघर्ष ने पहले ही नागरिकों को भारी कठिनाई दी है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क पर असर डाला है। मंत्रालय ने भरोसा जताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग अब खुले रहेंगे और वैश्विक व्यापार का प्रवाह सामान्य रहेगा।
यह एडवाइजरी अमेरिका और ईरान के सीजफायर समझौते के कुछ घंटों बाद जारी की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्ते के लिए स्थगित करने की घोषणा की, जिसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने का प्रयास बताया गया। ईरान ने भी अस्थायी रूप से इस प्रस्ताव को स्वीकार करने का संकेत दिया, जबकि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि यदि हमलों पर रोक लगाई जाती है, तो तेहरान भी अपनी सैन्य कार्रवाई को रोक देगा।


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