यूएई, 05 मई।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने हवाई क्षेत्र पर 11 मई तक आंशिक प्रतिबंध लागू कर दिया है। यह निर्णय कथित मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए लिया गया है।
यूएई की जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी द्वारा जारी नोटिस टू एयरमेन के अनुसार, कुछ उड़ान मार्गों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और इमरजेंसी सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए हैं। हालांकि हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, लेकिन उड़ानों को केवल निर्धारित सुरक्षित मार्गों तक सीमित किया गया है।
यह प्रतिबंध अस्थायी बताया गया है और स्थिति की समीक्षा के आधार पर इसमें आगे बदलाव संभव है। उल्लेखनीय है कि यह कदम उस घोषणा के दो दिन बाद उठाया गया है, जिसमें यूएई ने कहा था कि उसका हवाई क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है।
सूत्रों के अनुसार, यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने हाल ही में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने का दावा किया है, जिसके चलते कई उड़ानों को मस्कट की ओर डायवर्ट करना पड़ा और कुछ विमान सऊदी अरब के ऊपर से होकर गुजरे।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि एमिरेट्स फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन आंशिक रूप से बंद है और यूएई में आने-जाने वाली उड़ानों को केवल निर्धारित प्रवेश और निकासी मार्गों से ही अनुमति दी जा रही है।
बताया जा रहा है कि फुजैराह तेल बंदरगाह पर कथित हमले के बाद यह एहतियाती कदम उठाया गया है, जिसमें तीन भारतीय नागरिकों के घायल होने की सूचना सामने आई है। इस घटना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की गई है और संवाद के माध्यम से समाधान की अपील की गई है।
वहीं ईरान ने इन घटनाओं में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए अमेरिका पर आरोप लगाया है और कहा है कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का परिणाम है।









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