वॉशिंगटन, 16 अप्रैल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के खिलाफ लागू नौसैनिक नाकाबंदी फिलहाल जारी रहेगी। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि जब तक रणनीतिक लक्ष्य पूरे नहीं होते, तब तक इस निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि नाकाबंदी हटाने को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है। साथ ही ईरान को सख्त संदेश देते हुए कहा गया कि यदि प्रस्तावित समझौते को स्वीकार नहीं किया गया, तो हालात फिर से युद्ध की ओर बढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है।
अमेरिकी पक्ष ने यह दावा भी किया कि हालिया घटनाओं के चलते ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर क्षति पहुंची है और वह पहले जैसी स्थिति में नहीं लौट पाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और आदेश मिलते ही कार्रवाई कर सकती है।
इसी बीच अमेरिका ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व को लेकर भी एक बड़ा दावा किया है, जिसमें मोजतबा खामेनेई के घायल होने की बात कही गई है, हालांकि इस संबंध में ईरान की ओर से कोई पुष्टि नहीं हुई है।
नाकाबंदी को सख्ती से लागू करने के संकेत देते हुए अमेरिकी सेना ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इसे तोड़ने की कोशिश करेगा, उसे रोका जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उस पर कब्जा भी किया जा सकता है। अब तक कई जहाज चेतावनी मिलने के बाद वापस लौट चुके हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका का यह रुख आने वाले समय में हालात के और गंभीर होने की आशंका को दर्शाता है, जबकि वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बनी हुई है।









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