चंडीगढ़, 01 मई
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया। सदन में मौजूद 94 विधायकों में से 88 ने सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि चार विधायक अनुपस्थित रहे और दो विधायक जेल में बंद थे। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के विधायक सदन में उपस्थित नहीं थे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस समर्थन को राष्ट्रपति को सौंपने की बात कही।
कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री और सभी विधायकों का डोप टेस्ट कराने की मांग की, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने सदन में मोबाइल का इस्तेमाल किया, जिसके बाद कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के बैठने के तरीके को लेकर विवाद बढ़ गया। इस तीखी बहस के बाद विपक्षी विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।
फ्लोर टेस्ट को सरकार अपनी एकजुटता और बहुमत साबित करने के तौर पर देख रही है, और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम आगामी चुनावों को देखते हुए सरकार की रणनीतिक मजबूती का संकेत भी हो सकता है। सदन का माहौल इस दौरान तनावपूर्ण बना रहा।








