लखनऊ, 01 अप्रैल।
उत्तर प्रदेश में आल टीचर्स एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) ने एनपीएस के विरोध और पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) की बहाली की मांग को लेकर आज काला दिवस मनाया। प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने बताया कि शिक्षक और कर्मचारी काली पट्टी बांधकर सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2005 को पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर नई पेंशन योजना (एनपीएस) लागू कर दी थी। इस योजना को लागू हुए 20 वर्ष से अधिक हो चुके हैं और कई शिक्षक व कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं। पुराने पेंशन प्रणाली के समाप्त होने के कारण रिटायर हुए कर्मचारियों को वृद्धावस्था में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अटेवा के अनुसार, प्रदेश के सभी शिक्षक और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर एनपीएस और यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन प्रणाली (ओपीएस) लागू करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनपीएस शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए काला कानून है क्योंकि यह 1 अप्रैल 2005 को लागू हुआ था।
इसलिए अटेवा हर वर्ष 1 अप्रैल को काला दिवस मनाता आ रहा है। इस अवसर पर सभी विभागों के शिक्षक और कर्मचारी अपने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से वे पुरानी पेंशन प्रणाली की बहाली के लिए सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।












