सुपौल, 16 मई।
जिले के शिक्षा विभाग में फर्जी पे आईडी तैयार कर सरकारी राशि हड़पने की कथित कोशिश का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अनियमितता के उजागर होने पर संबंधित विभाग में हड़कंप मच गया है।
जिलाधिकारी सावन कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में कार्यरत दो कर्मियों के खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, कोशी प्रमंडल सहरसा को पत्र भेजा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
आरोप है कि कार्यालय में कार्यरत उच्च वर्गीय लिपिक उमेश वर्मा और निम्न वर्गीय लिपिक मो. ऐहतेशामुल हक ने पहले से भुगतान हो चुके शिक्षकों के बकाया वेतन विपत्रों के नाम पर फर्जी पे आईडी बनाकर राशि को दूसरे खाते में स्थानांतरित करने का प्रयास किया। हालांकि समय रहते इसकी जानकारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को मिल गई, जिसके बाद संबंधित विपत्रों को तत्काल वापस मंगाकर भुगतान रोक दिया गया और संभावित वित्तीय गड़बड़ी को टाल दिया गया।
प्रारंभिक जांच में दोनों कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र तैयार किया गया है। जिलाधिकारी ने इसे कोषागार नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में तनाव का माहौल है और पूरे प्रकरण की गहराई से जांच जारी है, साथ ही आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।














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