चंडीगढ़, 11 मई।
पंजाब में निकाय चुनावों की घोषणा के बीच सोमवार को सियासी हलकों में उस समय हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
ज्ञान सिंह मान लंबे समय तक भगवंत मान के राजनीतिक अभियानों से जुड़े रहे हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान वह चुनावी रणनीति और प्रचार अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। संगरूर जिले के सतौज गांव निवासी ज्ञान सिंह ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 2013 में आम आदमी पार्टी के गठन के समय से संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 से 2022 तक वह संगरूर सांसद कार्यालय की जिम्मेदारी संभालते रहे। वहीं, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में धूरी क्षेत्र में भगवंत मान के चुनाव कार्यालय प्रभारी के तौर पर भी उन्होंने अहम जिम्मेदारी निभाई थी।
भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि सतौज गांव से मुख्यमंत्री के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने पार्टी का दामन थामा है। उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अब मुख्यमंत्री के घर के आसपास भी भाजपा की मौजूदगी दिखाई देगी।
इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद पंजाब सरकार दबाव में दिखाई दे रही है। साथ ही उन्होंने आगामी समय में पंजाब की राजनीति में बदलाव के संकेत भी दिए।



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