भोपाल, 14 अप्रैल
स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 को ध्यान में रखते हुए भोपाल नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। नगर निगम आयुक्त ने शहर के 21 जोनों में कुल 84 अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है, जो सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
इन नोडल अधिकारियों में अपर आयुक्त, उपायुक्त और इंजीनियर शामिल हैं, जिन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर व्यवस्था की मॉनिटरिंग करनी होगी। निगम के अनुसार हाल ही में जोन-1 के वार्डों की स्थिति खराब पाए जाने पर प्रभारी एएचओ को मुख्यालय अटैच किया गया है, जिससे यह स्पष्ट है कि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
निर्देशों के अनुसार सभी नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 9 बजे तक अपने क्षेत्रों में मौजूद रहकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करना अनिवार्य किया गया है।
नगर निगम ने प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए सहायक यंत्री और उपयंत्री भी तैनात किए हैं, ताकि सफाई व्यवस्था को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान गंदगी की तस्वीरें बीएमसी मॉनिटरिंग सिस्टम पर अपलोड की जाएं तथा साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके साथ ही तालाबों, नालों की सफाई और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
यदि किसी क्षेत्र में कचरा वाहन समय पर नहीं पहुंचता है, तो इसकी सूचना तत्काल ट्रांसपोर्ट विभाग को देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। निगम का उद्देश्य स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाकर उच्च रैंक प्राप्त करना है।








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