नई दिल्ली, 25 मई ।
बीजू जनता दल के वरिष्ठ नेता देबाशीष सामंतराय ने सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। उन्होंने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा सौंपते हुए औपचारिक रूप से सदस्यता छोड़ दी।
इससे पहले उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक को पत्र लिखकर बीजद की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने की घोषणा की थी और पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप लगाया था।
नई दिल्ली में इस्तीफा सौंपने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने सुबह ही पार्टी अध्यक्ष को पत्र भेजकर अपने फैसले की जानकारी दे दी थी, जिसमें कई कारणों का उल्लेख किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजद में अब उनका कोई भविष्य नहीं बचा है और पार्टी का संचालन वर्तमान में एक गैर-राजनीतिक व्यक्ति के प्रभाव में चल रहा है, जिससे संगठन को नुकसान हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी हार के बाद भी पार्टी नेतृत्व आत्ममंथन करने को तैयार नहीं दिख रहा है, जिससे संगठनात्मक स्थिति और कमजोर हुई है।
सामंतराय ने कहा कि किसी गैर-राजनीतिक व्यक्ति को अत्यधिक राजनीतिक जिम्मेदारी देने से पार्टी की छवि और ढांचे पर नकारात्मक असर पड़ा है।
भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि एक राजनेता के रूप में वे अपने विकल्प खुले रखेंगे और जल्द ही आगे की स्थिति स्पष्ट करेंगे, साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि उनके लिए भारतीय जनता पार्टी एक उपयुक्त विकल्प हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीजद ने अतीत में भाजपा के साथ गठबंधन में सरकार चलाई थी, इसलिए भाजपा के साथ जाने में कोई वैचारिक असहजता नहीं है।
उन्होंने ओडिशा में भाजपा के बढ़ते प्रभाव के पीछे पार्टी नेतृत्व की गलतियों को जिम्मेदार बताया, हालांकि उन्होंने नवीन पटनायक के 25 वर्षों के शासन को प्रशासनिक रूप से पूरी तरह विफल नहीं माना, लेकिन संगठनात्मक कमजोरी की बात कही।







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