कानपुर, 18 अप्रैल।
लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण के मामलों को लेकर शहर में एक बार फिर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। हिंदू जागरण मंच के प्रांत सह संयोजक पीयूष रंजन सनातनी ने कहा कि यह मुद्दा अब नजरअंदाज करने योग्य नहीं है क्योंकि यह बेटियों की सुरक्षा, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक संतुलन से सीधे जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में कठोर और प्रभावी कदम उठाने चाहिए तथा प्रत्येक जिले में विशेष तंत्र बनाकर ऐसे मामलों पर रोक सुनिश्चित करनी चाहिए। उनके अनुसार हिंदू समाज अब पूरी तरह जागरूक है और अपनी बेटियों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
इसी मुद्दे को लेकर शहर में कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले एक स्थान पर एकत्र हुए, जहां से पैदल जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान वातावरण में ‘जय श्री राम’ और ‘बेटियों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारों की गूंज रही।
प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित तेरह सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन को सौंपा गया, जिसमें प्रमुख रूप से प्रत्येक जनपद में विशेष थाना और जांच इकाई के गठन की मांग की गई है ताकि मामलों की त्वरित और निष्पक्ष जांच हो सके।
मांग पत्र में यह भी कहा गया कि ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन कर छह माह के भीतर सुनवाई पूरी की जाए तथा धर्मांतरण में संलिप्त लोगों को संगठित अपराध की श्रेणी में लाकर कठोर दंड दिया जाए। इसके अलावा अंतरधार्मिक विवाह में लड़की की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
समाज के एक वर्ग ने इसे गंभीर सामाजिक मुद्दा बताते हुए एकजुटता और सख्त कानूनों की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि प्रशासन ने मांग पत्र को आगे भेजने का आश्वासन दिया।










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