भोपाल, 13 मई।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम बुधवार दोपहर घोषित कर दिया, जिसके बाद छात्रों के लिए परिणाम देखने की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यमों पर उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ डिजीलॉकर और उमंग एप के जरिए भी अपना परिणाम देख सकते हैं।
मध्य प्रदेश से इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 80,454 छात्र शामिल हुए, जिनमें भोपाल शहर के 9,399 विद्यार्थी भी सम्मिलित थे। इस बार भोपाल रीजन का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत की तुलना में कमजोर दर्ज किया गया है। क्षेत्र में 79.43 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए, जबकि पूरे देश का औसत परिणाम 85.20 प्रतिशत रहा। इस प्रकार भोपाल रीजन राष्ट्रीय औसत से 5.77 प्रतिशत पीछे रहा।
देशभर में इस वर्ष 12वीं का कुल परिणाम 85.20 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 88.39 प्रतिशत की तुलना में 3.19 प्रतिशत कम है। इस तरह इस बार राष्ट्रीय स्तर पर भी परिणाम में गिरावट देखने को मिली है। क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो तिरुवनंतपुरम रीजन ने 95.62 प्रतिशत के साथ सर्वोत्तम परिणाम हासिल किया, जबकि प्रयागराज रीजन 72.43 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे रहा। दिल्ली वेस्ट और दिल्ली ईस्ट रीजन ने भी 91 प्रतिशत से अधिक सफलता दर दर्ज की।
बोर्ड ने परिणाम जारी करते हुए स्पष्ट किया कि छात्र रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्मतिथि की मदद से लॉग-इन कर अंकसूची देख सकते हैं। अधिक ट्रैफिक के कारण वेबसाइट पर समस्या से बचने के लिए डिजीलॉकर और उमंग एप जैसे विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं।
सीबीएसई नियमों के अनुसार सभी विषयों में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में असफल हो जाता है तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा का अवसर दिया जाता है, जिसके जरिए उसी वर्ष परीक्षा पास करने का मौका मिलता है। बोर्ड जल्द ही कंपार्टमेंट परीक्षा की तिथि जारी करेगा और आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।
जो विद्यार्थी अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, ताकि छात्र अपने उत्तरों की समीक्षा कर सकें। इन प्रक्रियाओं की तिथियां जल्द घोषित की जाएंगी।
इस वर्ष 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच एक ही पाली में आयोजित की गई थीं। परीक्षा समाप्त होने के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया डिजिटल प्रणाली के माध्यम से पूरी की गई, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रही। छात्रों को पहले ही सभी आवश्यक विवरण तैयार रखने की सलाह दी गई थी, ताकि परिणाम देखने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। अब छात्र आगे की पढ़ाई और करियर से जुड़े निर्णय ले सकेंगे, साथ ही आवश्यक होने पर सुधार के विकल्प भी उनके लिए उपलब्ध रहेंगे।




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