कोटा, 12 मई।
देशभर में तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने मंगलवार को रद्द कर दिया। कथित पेपर लीक और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की मंजूरी से यह निर्णय लिया गया है। अब देशभर के 22.79 लाख से अधिक परीक्षार्थियों को दोबारा परीक्षा देनी होगी।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि पुनर्परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को दोबारा पंजीकरण नहीं कराना होगा। पहले से जमा आवेदन मान्य रहेंगे और किसी भी छात्र से अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। इतना ही नहीं, पहले जमा की गई फीस भी वापस की जाएगी। दोबारा परीक्षा के लिए नए प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे।
एनटीए के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष कुल 22,79,746 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें 13,32,928 छात्राएं और 9,46,815 छात्र शामिल रहे। परीक्षा में छात्राओं की संख्या छात्रों के मुकाबले अधिक दर्ज की गई।
जानकारी के अनुसार तीन मई को देशभर में आयोजित परीक्षा के दौरान राजस्थान के कुछ परीक्षा केंद्रों से पेपर लीक और संदिग्ध गतिविधियों की सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों और राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने मामले की जांच शुरू की। छात्रों के हित और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।
बताया गया कि सात मई की शाम एजेंसी को कुछ केंद्रों पर परीक्षा से पहले डमी पेपर बेचने और प्रश्नपत्र से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद संबंधित दस्तावेज और इनपुट जांच एजेंसियों को सौंप दिए गए।
केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने का निर्णय लिया है। एजेंसी को सभी रिकॉर्ड, परीक्षा सामग्री और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
नीट-यूजी परीक्षा के माध्यम से देशभर के मेडिकल, डेंटल, आयुष, वेटरनरी और चयनित नर्सिंग संस्थानों में करीब 2.65 लाख सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। इसमें एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य स्वास्थ्य पाठ्यक्रमों की बड़ी संख्या में सीटें शामिल हैं।



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