भोपाल, 09 मई।
राजधानी भोपाल समेत पूरे मध्य प्रदेश में पहले चरण की जनगणना प्रक्रिया एक मई से शुरू हो चुकी है। इस चरण में मकानों और परिवारों से जुड़ी कुल 33 प्रकार की जानकारियां एकत्र की जा रही हैं। राजधानी में इस कार्य को पूरा करने के लिए छह हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो शहर के 25 जोन में घर-घर पहुंचकर सर्वे का काम कर रहे हैं।
हालांकि, जनगणना अभियान के दौरान कर्मचारियों को लोगों की झिझक और आशंकाओं का सामना भी करना पड़ रहा है। कई नागरिक मोबाइल नंबर साझा करने और ओटीपी को लेकर ठगी की आशंका जता रहे हैं। वहीं कुछ लोग किराएदारों से संबंधित जानकारी देने में संकोच कर रहे हैं और इसे आयकर विभाग की संभावित कार्रवाई से जोड़कर देख रहे हैं।
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया है और जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति से ओटीपी नहीं लिया जा रहा है। केवल मोबाइल नंबर लिया जा रहा है, ताकि संदेश के माध्यम से जनगणना से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने नागरिकों से सही जानकारी साझा कर इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करने की अपील भी की है।
पहले चरण में प्रगणकों द्वारा मकान और परिवार से संबंधित कई अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। इनमें मकान नंबर, भवन की स्थिति, छत और दीवार की प्रकृति, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम और लिंग, पेयजल का स्रोत, शौचालय व्यवस्था, गंदे पानी की निकासी, पीएनजी कनेक्शन, बिजली का मुख्य स्रोत, इंटरनेट सुविधा, टीवी, रेडियो, मोबाइल, टेलीफोन, साइकिल, दोपहिया और चार पहिया वाहनों जैसी जानकारियां शामिल हैं।












