रीवा, 09 मई।
जिले में कलेक्टर और पंचायत विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। दो दिनों तक चली तनातनी के बाद शनिवार को दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई, जिसके बाद कर्मचारियों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त करते हुए काम पर लौटने का निर्णय लिया।
शनिवार को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने पंचायत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सभागार में चर्चा के लिए आमंत्रित किया। बैठक के दौरान कर्मचारियों ने कलेक्टर का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और जिले में बेहतर कार्य करने का भरोसा भी जताया।
कर्मचारियों ने आश्वासन दिया कि वे पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे, जिससे विभिन्न योजनाओं और अभियानों में जिले का प्रदर्शन और अधिक बेहतर हो सके।
यह विवाद बुधवार को शुरू हुआ था, जब जल गंगा संवर्धन अभियान से जुड़ी समीक्षा बैठक में कलेक्टर द्वारा जिले की खराब रैंकिंग को लेकर कड़ी समीक्षा की गई थी। इसी दौरान एक महिला अधिकारी की तबीयत बिगड़ने और बेहोश होने की घटना के बाद पंचायत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी नाराज हो गए थे।
कर्मचारियों ने कलेक्टर और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर मानसिक प्रताड़ना और अपशब्दों के प्रयोग के आरोप लगाए थे। इस मामले की शिकायत संभागायुक्त तक पहुंचाई गई थी। इसके साथ ही दोनों अधिकारियों को हटाने की मांग को लेकर पंचायत विभाग के कर्मचारी जिला पंचायत कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए थे और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी।
करीब दो दिन तक चले विरोध के बाद शनिवार को कलेक्टर की पहल पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। चर्चा के बाद सहमति बनने पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की और काम पर लौटने का भरोसा दिया।



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