म्यूनिख, 16 अप्रैल।
यूएफा चैंपियंस लीग के एक रोमांचक मुकाबले में जर्मनी के शीर्ष क्लब बायर्न म्यूनिख ने स्पेन के 15 बार के चैंपियन रियल मैड्रिड को 4-3 से पराजित करते हुए (कुल स्कोर 6-4) सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। निर्णायक क्षणों में लुइस डियाज और माइकल ओलिसे ने गोल कर टीम को यादगार जीत दिलाई।
89वें मिनट में लुइस डियाज ने गोल करते हुए बायर्न को बढ़त दिलाई, जबकि इंजरी टाइम में माइकल ओलिसे ने गोल कर जीत सुनिश्चित कर दी। इस जीत के साथ बायर्न ने सेमीफाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन पेरिस सेंट-जर्मेन के खिलाफ मुकाबला तय किया।
मैच के 86वें मिनट में रियल मैड्रिड के मिडफील्डर एडुआर्डो कामाविंगा को दो पीले कार्ड मिलने के बाद मैदान से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद अंत में आर्डा गुलर को असंतोष जताने पर रेड कार्ड मिला, जिससे टीम की वापसी की उम्मीदों को झटका लगा।
मुकाबले की शुरुआत बेहद तेज रही और केवल 35 सेकंड में आर्डा गुलर ने गोल कर रियल को बढ़त दिलाई, जिसमें बायर्न के गोलकीपर मैनुअल नॉयर की गलती रही। बायर्न ने पांचवें मिनट में अलेक्जेंडर पावलोविच के हेडर से बराबरी कर ली।
29वें मिनट में गुलर ने शानदार फ्री-किक से रियल को फिर आगे कर दिया, लेकिन आठ मिनट बाद हैरी केन ने गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। इसके बाद किलियन एम्बाप्पे ने हाफ टाइम से पहले गोल कर मैच को फिर बराबर कर दिया।
दूसरे हाफ में मुकाबला संतुलित रहा और दोनों टीमों ने मौके बनाए। मैनुअल नॉयर ने महत्वपूर्ण बचाव कर बायर्न को मुकाबले में बनाए रखा। अंत में कामाविंगा के रेड कार्ड के बाद बायर्न ने इसका पूरा लाभ उठाते हुए दो गोल दागकर जीत अपने नाम कर ली।
बायर्न के कोच विन्सेंट कोम्पनी ने टीम के प्रदर्शन को सराहते हुए कहा कि यह क्लब के लिए बेहतरीन रात रही और खिलाड़ियों की एकजुटता व आत्मविश्वास जीत की बड़ी वजह बने।
वहीं रियल मैड्रिड के कोच अल्वारो अर्बेलोआ ने रेड कार्ड फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह के निर्णय बड़े मैच की निष्पक्षता को प्रभावित करते हैं।






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