आइजोल, 11 मई।
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने राज्य के 144 युवाओं को टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। इसे राज्य के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान की दिशा में बड़ा कदम बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को विधानसभा एनेक्सी भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल से 144 चयनित मिजो युवाओं के पहले बैच को औपचारिक रूप से रवाना किया। यह सभी युवा 166 इन्फैंट्री बटालियन टेरिटोरियल आर्मी के तहत असम में शामिल होंगे और आगे प्रशिक्षण के लिए मेघालय जाएंगे।
इस पहले बैच में 135 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें 15 मई को असम के रास्ते शिलांग भेजा जाएगा, जहां उनका प्रशिक्षण शुरू होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन मिजोरम के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें टेरिटोरियल आर्मी के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी, लेकिन जानकारी मिलने के बाद उन्होंने केंद्र सरकार से मिजो बटालियन के गठन का आग्रह किया था।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में 70 पदों की स्वीकृति मिली थी, लेकिन बाद में बातचीत के बाद भर्ती संख्या बढ़ाकर 144 कर दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी अधिक से अधिक मिजो युवाओं को इस सेवा से जोड़ने के प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल रोजगार के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा और अनुशासित जीवन के मार्ग के रूप में इस अवसर को अपनाएं।
कार्यक्रम में गृह मंत्री के. सपडांगा, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल क्लेमेंट लालह्मिंगथांगा सहित कई वरिष्ठ सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
गृह मंत्री ने कहा कि टेरिटोरियल आर्मी नागरिक जीवन और सैन्य अनुशासन का संगम है, जो युवाओं को सम्मान और चरित्र निर्माण का अवसर देती है। उन्होंने चयनित युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कठिन रास्ते ही आगे चलकर बेहतर परिणाम देते हैं।
लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) क्लेमेंट लालह्मिंगथांगा ने इसे मुख्यमंत्री की पहल का परिणाम बताते हुए मिजोरम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा।
अधिकारियों के अनुसार टेरिटोरियल आर्मी के लिए आगे भी भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी और आने वाले समय में नए अवसर उपलब्ध कराए जाने की संभावना है। प्रशिक्षण प्रक्रिया अगले महीने से शुरू होगी, जिसमें पुरुष अभ्यर्थियों को शिलांग और महिला अभ्यर्थियों को बेंगलुरु भेजा जाएगा।





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