छिंदवाड़ा, 21 अप्रैल।
छिंदवाड़ा के खजरी रोड पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने एक चाय की टपरी पर फिल्मी स्टाइल में दबिश देकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एक कर्मचारी को घूस लेते रंगे हाथों धर दबोचा। लोकायुक्त पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई के तहत 14 हजार रुपये की रिश्वत बरामद की है। इस भ्रष्टाचार के खेल में विभाग के एक बाबू को भी मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए सह-आरोपी बनाया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, परासिया के ग्राम अम्बाड़ा निवासी ठेकेदार सौरभ मिश्रा ने विभाग के माध्यम से निर्माण कार्य कराया था। ठेकेदार के खाते में जब कार्य के भुगतान के रूप में 4,11,665 रुपये जमा हुए, तो विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 संदेश गजभिये ने छह प्रतिशत कमीशन की मांग रख दी। बाबू ने स्पष्ट रूप से कहा कि भुगतान के बदले उसे लगभग 25 हजार रुपये की रिश्वत चाहिए। जब ठेकेदार ने लोकायुक्त में इसकी गुहार लगाई, तो शिकायत की पुष्टि के दौरान बाबू ने घूस की रकम पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा के पास पहुंचाने का निर्देश दिया।
निर्धारित योजना के तहत मंगलवार को खजरी रोड स्थित चाय की दुकान पर लेनदेन का समय तय हुआ। लोकायुक्त की टीम पहले से ही सादे कपड़ों में वहां तैनात थी। जैसे ही ठेकेदार सौरभ मिश्रा ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 14 हजार रुपये दर्पण मिश्रा को थमाए, वैसे ही टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो वे गुलाबी हो गए, जिससे घूसखोरी की पुष्टि हो गई।
लोकायुक्त टीम ने इस मामले में पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा और सहायक ग्रेड-3 संदेश गजभिये के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक शशिकला मस्कुले, जितेंद्र यादव और शिशिर पांडेय सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही। गौरतलब है कि रिश्वतखोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है; हाल ही में शिवपुरी में भी एक बाबू को बहाली के एवज में बड़ी रकम लेते गिरफ्तार किया गया था।










