कोरबा, 21 अप्रैल
कोरबा जिले में मंगलवार को “ज्ञानभारतम” पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
बैठक में जिले में उपलब्ध दुर्लभ पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों और हस्तलिखित ग्रंथों के चिन्हांकन एवं सूचीकरण के लिए संरचित व्यवस्था पर चर्चा की गई। अभियान को गति देने हेतु अनुभाग स्तरीय समितियों के गठन का निर्णय लिया गया, जिनकी अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) करेंगे। इन समितियों में तहसीलदार, जनपद सीईओ, बीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ शामिल रहेंगे। ये समितियां साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिला समिति को सौंपेंगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में पंचायत सचिव या शिक्षक तथा प्रत्येक वार्ड में एक कर्मचारी को सर्वेयर के रूप में नियुक्त किया जाएगा। ये सर्वेयर अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध पाण्डुलिपियों की पहचान कर मोबाइल ऐप के माध्यम से उनका डेटा अपलोड करेंगे। इस कार्य में कॉलेजों के प्राचार्य और प्रोफेसरों की भी सहायता ली जाएगी।
सर्वेक्षण कार्य को सुचारू बनाने के लिए सभी सर्वेयरों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान हेतु व्हाट्सएप समूह बनाए जाएंगे, जिनमें प्रशिक्षण लिंक और आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को प्रशिक्षण एवं आदेश जारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पाण्डुलिपियों के चिन्हांकन और डेटा अपलोडिंग का कार्य जून 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। इसके लिए ग्राम सभाओं में पाण्डुलिपियों के महत्व पर चर्चा कर जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी।
इसके साथ ही जनसंपर्क विभाग के माध्यम से समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि निजी संग्रहकर्ताओं को भी इस अभियान से जोड़ा जा सके।
बैठक में नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर ओंकार यादव और जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।










