शिवपुरी, 21 अप्रैल
शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के एक बयान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करैरा के एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ को लेकर की गई टिप्पणी के बाद प्रदेश के आईपीएस अधिकारियों के संगठन ने नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
मंगलवार को एडीजी स्तर के अधिकारी चंचल शेखर की ओर से जारी वक्तव्य में इस बयान को आपत्तिजनक और मर्यादाओं के विपरीत बताया गया। संगठन ने कहा कि अधिकारी ही नहीं बल्कि उनके परिवार को लेकर भी अनुचित शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो स्वीकार्य नहीं है। इस प्रकार की टिप्पणियां पुलिस बल के मनोबल और निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल असर डालती हैं। संगठन ने जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक जीवन में संतुलित भाषा के प्रयोग की अपेक्षा भी दोहराई।
संगठन ने इस बात पर भी चिंता जताई कि यह मामला 21 अप्रैल को सामने आया, जो सिविल सर्विस डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोकसेवकों के योगदान को सम्मानित किया जाता है, ऐसे में किसी अधिकारी के प्रति इस तरह की टिप्पणी को अनुचित बताया गया।
विधायक के दो वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वे एसडीओपी को लेकर तीखी टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। इनमें कथित तौर पर उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों का प्रयोग किया और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तर के निर्देशों का उल्लेख भी किया।
बताया जा रहा है कि यह विवाद 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे के बाद बढ़ा। इस घटना में विधायक के बेटे दिनेश लोधी की तेज रफ्तार गाड़ी से पांच लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहन जब्त किया और पूछताछ के लिए उसे थाने बुलाया। जांच के दौरान वाहन में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जिसके बाद विधायक की नाराजगी सामने आई।










