भोपाल, 21 अप्रैल
भोपाल में पेड़ों के आसपास कंक्रीट डालने के मामले को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कड़ा रुख अपनाया है। इस प्रथा पर नाराजगी जताते हुए ट्रिब्यूनल ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को फटकार लगाई और इसे पेड़ों के लिए घातक बताया है।
सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया गया कि पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट बिछाने से उनकी जड़ों तक पानी और हवा का प्रवाह बाधित हो जाता है। इससे पेड़ों का स्वाभाविक विकास रुक जाता है और धीरे-धीरे वे सूखने लगते हैं। ट्रिब्यूनल ने इस स्थिति को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित विभागों से जवाब मांगा है।
निर्देश दिए गए हैं कि शहर में ऐसे सभी स्थानों की पहचान की जाए, जहां पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट डाला गया है। साथ ही वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया है, ताकि पेड़ों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
इसके साथ ही भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने की आवश्यकता भी जताई गई है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि शहरी विकास के नाम पर पर्यावरण की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस पूरे प्रकरण ने शहर में हरित क्षेत्र के संरक्षण और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर नई चर्चा को जन्म दे दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग इस दिशा में कितनी गंभीरता से कदम उठाते हैं।










