सहारनपुर, 14 अप्रैल
प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का राष्ट्र को समर्पण किए जाने के अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और भव्य स्वागत का माहौल देखने को मिला। सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और समर्थकों का जोश चरम पर रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा परिवर्तनकारी कदम बताया और कहा कि इससे सहारनपुर से दिल्ली और देहरादून की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। सहारनपुर में प्रधानमंत्री ने रोड शो कर हजारों लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का उद्घाटन किया, जो एशिया का सबसे लंबा बारह किलोमीटर का ग्रीन एलिवेटेड कॉरिडोर है और राजाजी टाइगर नेशनल पार्क के ऊपर से गुजरता है।
प्रधानमंत्री ने दो सौ तेरह किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का देहरादून में लोकार्पण किया। बारह हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह छह लेन मार्ग दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच एक महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारे के रूप में कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर को प्रदेश के विकास का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर आवागमन को सुगम बनाने के साथ-साथ सहारनपुर के वुडवर्क, मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स और क्षेत्रीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के हाथों इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण प्रदेश के विकास की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने सभी लाभान्वित जिलों के नागरिकों को बधाई दी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री तथा एनएचएआई अधिकारियों के प्रति भी आभार जताया।
उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर से सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत के उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। मेरठ खेल सामग्री निर्माण का प्रमुख केंद्र है और यह क्षेत्र मेहनतकश किसानों के लिए भी जाना जाता है। सरकार गन्ना, फल-सब्जी और खाद्यान्न उत्पादन को लगातार बढ़ावा दे रही है। अब यह कॉरिडोर इन उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का केंद्र बन चुका है। डबल इंजन सरकार के चलते बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहारनपुर में मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय स्थापित हो चुका है, सरसावा में सिविल टर्मिनल और एयरपोर्ट का निर्माण जारी है तथा जेवर में फिल्म सिटी का कार्य भी प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी आवश्यक है और जो सरकार दोनों कार्य एक साथ करती है वही सच्चा विकास सुनिश्चित करती है। समाज को विभाजित करने वाली शक्तियां कभी विकास की सोच नहीं रख सकतीं।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक और आवासीय क्लस्टर विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब की जयंती पर यह परियोजना क्षेत्र को समर्पित होना गौरव का विषय है। पहले यह मार्ग अत्यंत कठिन था और बरसात में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता था, जिससे लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ता था। अब यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
इस अवसर पर राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।









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