भोपाल, 21 अप्रैल।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंगलवार को सशस्त्र सेना झंडा निधि में योगदान देने वाले विशिष्ट दानदाताओं और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया। लोकभवन में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दान देना अंतर्रात्मा की पुकार है और सैनिकों की सेवा में किया गया सहयोग राष्ट्रभक्ति का सबसे सशक्त प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवान सीमाओं पर अपने रक्त से देश के सुरक्षित भविष्य की नींव रखते हैं, इसलिए उनके और उनके परिवारों के प्रति जिम्मेदारी निभाना हमारा सर्वोच्च मानवीय धर्म है।
राज्यपाल ने सैनिक कल्याण कोष में निर्धारित लक्ष्य से अधिक राशि जुटाने के लिए प्रदेश के जिलों और संभागों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने जबलपुर के संभागायुक्त धनंजय सिंह भदौरिया सहित हरदा, अलीराजपुर, नीमच के कलेक्टरों और प्रमुख दानदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह में बताया गया कि मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है, जो समाज की संवेदनशीलता और देशभक्ति का परिचायक है।
अभिनंदन समारोह से पूर्व राज्यपाल पटेल ने समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति की 25वीं वार्षिक बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सैनिक कल्याण से जुड़े निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए उन्हें समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के व्यय प्रस्तावों, ऑडिट रिपोर्ट और पिछले पांच वर्षों के आय स्रोतों की विस्तृत समीक्षा की गई। राज्यपाल ने सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें।
समारोह के दौरान जानकारी दी गई कि लक्ष्य से अधिक राशि संग्रहण में जबलपुर संभाग प्रथम, उज्जैन द्वितीय और शहडोल संभाग तृतीय स्थान पर रहा है। इस वर्ष 25 प्रमुख दानदाताओं ने लगभग 60 लाख रुपये का योगदान दिया है। 15 लाख रुपये का सर्वाधिक दान मध्य प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति, भोपाल द्वारा किया गया। राज्यपाल ने आह्वान किया कि समाज का हर वर्ग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सैनिक कल्याण निधि में योगदान दे ताकि राष्ट्र के प्रहरियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।










