यूक्रेन ने मंगलवार को जानकारी दी कि क्षतिग्रस्त द्रुज्बा तेल पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है और अब वह यूरोप की ओर रूसी तेल की आपूर्ति फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। कीव के अधिकारियों को उम्मीद है कि इस कदम से लंबे समय से अटके यूरोपीय संघ के सहायता पैकेज का रास्ता साफ हो सकेगा।
यह पाइपलाइन हंगरी और स्लोवाकिया तक कच्चा तेल पहुंचाती है और बीते एक महीने से अधिक समय से यह कूटनीतिक विवाद का केंद्र बनी हुई थी। यूक्रेन का कहना था कि जनवरी के अंत में रूसी हमलों से पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा था, जबकि हंगरी और स्लोवाकिया ने उस पर मरम्मत में देरी कर दबाव बनाने का आरोप लगाया था।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि रूसी हमले में क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी कर ली गई है और अब पाइपलाइन फिर से संचालित की जा सकती है।
इस मरम्मत को यूक्रेन की कमजोर पड़ती अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। हंगरी के कार्यवाहक प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान ने अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करते हुए 90 अरब यूरो के यूरोपीय संघ ऋण को तब तक रोक रखा था, जब तक यूक्रेन पाइपलाइन की मरम्मत कर तेल आपूर्ति बहाल नहीं करता।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा काल्लास ने लक्जमबर्ग में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस फंड को लेकर 24 घंटे के भीतर सहमति बनने की संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी बाधाएं जल्द दूर हो जाएंगी।
कीव के एक सूत्र के अनुसार, जैसे ही औपचारिक अनुरोध प्राप्त होगा, यूक्रेन हंगरी और स्लोवाकिया के लिए तेल आपूर्ति शुरू कर सकता है।
हालांकि, रूसी तेल आपूर्ति बहाल करने की दिशा में कदम उठाने के बावजूद जेलेंस्की उन यूरोपीय देशों की आलोचना करते रहे हैं जो अब भी रूस से ऊर्जा खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के मद्देनजर रूस पर प्रतिबंधों का दबाव बनाए रखना जरूरी है और यूरोप को ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में काम करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप को उन ताकतों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए जो उसे कमजोर या अस्थिर करने का प्रयास करती हैं।








