बिलासपुर, 30 अप्रैल
गुरुवार तड़के छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय की दो टीमों ने बिलासपुर और दुर्ग में कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर कार्रवाई की। दुर्ग में भाजपा नेता और अमर इंफ्रा के संचालक चतुर्भुज राठी के महेश कॉलोनी स्थित आवास पर सुबह-सुबह छापा मारा गया, जबकि बिलासपुर में सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।
दुर्ग में की गई कार्रवाई को भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित भूमि घोटाले की जांच से जोड़ा जा रहा है। टीम द्वारा मौके पर दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन तथा अन्य आर्थिक पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
वहीं बिलासपुर में सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के निवास और सदर बाजार स्थित श्रीराम ज्वेलर्स पर दस से अधिक अधिकारियों की टीम ने सुबह दबिश दी। यहां शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार विवेक अग्रवाल के भाई विकास अग्रवाल का नाम पहले ही शराब घोटाले से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है और उन्हें कथित घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर का करीबी बताया जाता है। विकास अग्रवाल पर दो हजार करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले के सिंडिकेट से जुड़े होने का आरोप है और वे फिलहाल फरार हैं। इसी मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए अब सर्राफा कारोबारी के ठिकानों पर जांच तेज की गई है, जहां संदेह है कि अवैध धन को ज्वेलरी फर्म और अन्य संपत्तियों में निवेश किया गया है।
श्रीराम ज्वेलर्स में टीम लेन-देन के रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। विकास अग्रवाल से जुड़े पुराने मामलों की जांच के दौरान उनके भाई विवेक अग्रवाल का नाम सामने आने के बाद यह कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है।
फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय लेन-देन के संदेह पर केंद्रित है।



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