यमुनानगर, 25 मार्च।
यमुनानगर में प्रस्तावित 66 केवी विद्युत लाइन के मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। विभिन्न गांवों के किसानों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन को व्यापक रूप देने का निर्णय लिया है।
बदनपुरी गांव में आयोजित बैठक में क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने हिस्सा लिया और संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाने का भरोसा दिया। बैठक की अध्यक्षता किसान नेता राजेश दहिया सुढैल ने की। किसानों का आरोप है कि मुआवजे के निर्धारण में प्रशासन पारदर्शिता नहीं बरत रहा और तय मानकों की अनदेखी की जा रही है।
किसानों का कहना है कि सरकार की नीति उनके हित में है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उसका सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा। उन्होंने समिति में अपने प्रतिनिधि के चयन पर भी आपत्ति जताई और स्पष्ट किया कि प्रतिनिधि का चयन वे स्वयं करेंगे। बैठक में यह तय हुआ कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, बिजली लाइन का कार्य शुरू नहीं होगा। साथ ही आंदोलन को तेज करने की रणनीति पर भी सहमति बनी। किसान नेताओं ने बताया कि आने वाले दिनों में गांव सुढैल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना दिया जाएगा।












