श्रीनगर, 14 मई।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को आरएसएस पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबोले की पाकिस्तान के साथ वार्ता की आवश्यकता संबंधी टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि युद्ध किसी भी स्थिति में समाधान नहीं हो सकता।
श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे द्वारा होसबोले के बयान के समर्थन का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण संकेत है कि अब बातचीत की आवश्यकता को स्वीकार किया जा रहा है और यह समझ विकसित हो रही है कि युद्ध विकल्प नहीं है।
अब्दुल्ला ने कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है कि आरएसएस नेता ने पाकिस्तान से संवाद की बात कही है और पूर्व सेना प्रमुख ने भी इस विचार का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह संतोषजनक है कि अब यह स्वीकार किया जा रहा है कि युद्ध समाधान नहीं है।
इससे पहले दत्तात्रेय होसबोले ने कहा था कि पाकिस्तान के साथ तनाव कम करने के लिए जनसंपर्क और संवाद आवश्यक है तथा बातचीत के लिए हमेशा अवसर बने रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने भारत का विश्वास खो दिया है और ऐसे में नागरिक समाज की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि यह मंच पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने में सहायक होगा। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चीन यात्रा का भी समर्थन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा काफिले में कटौती को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ईंधन संकट को देखते हुए यह कदम व्यावहारिक और आवश्यक है।





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