पूर्वी सिंहभूम, 13 मई।
शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल व डीजल की भारी कमी से आम जनजीवन पर असर गहराता जा रहा है और लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
बुधवार को स्थिति और गंभीर हो गई, जब शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर ईंधन पूरी तरह समाप्त हो गया, जबकि कुछ स्थानों पर सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की गई।
साकची, मानगो, डिमना, सिदगोड़ा, पटमदा, बिष्टुपुर सहित आसपास के इलाकों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां कई वाहन चालक घंटों इंतजार के बाद भी बिना ईंधन लिए लौटने को मजबूर हुए।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से तेल कंपनियों की अनियमित आपूर्ति और अचानक बढ़ी मांग के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई है। कई पंप संचालकों ने भी माना कि सामान्य दिनों की तुलना में ग्राहकों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है।
ईंधन की कमी की खबर फैलते ही लोगों ने आवश्यकता से अधिक पेट्रोल और डीजल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे संकट और गहरा हो गया। कुछ पंपों पर प्रति वाहन तीन हजार रुपये तक का पेट्रोल देने और डीजल की सीमित बिक्री का निर्णय लिया गया है।

डीजल की कमी का सीधा असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है, जिससे ऑटो चालक, बस संचालक और मालवाहक वाहन मालिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कई ट्रांसपोर्टरों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई प्रभावित हो सकती है। होटल, छोटे उद्योग और जनरेटर पर निर्भर व्यवसायियों में भी चिंता का माहौल है।
इधर, पूर्व मंत्री ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए तेल कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर आपूर्ति बहाल करने की अपील की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके, साथ ही उन्होंने विभिन्न पंपों का निरीक्षण भी किया।
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, हालांकि तेल कंपनियों की नई खेप पहुंचने के बाद अगले एक-दो दिनों में स्थिति सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है।



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