भोपाल, 07 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश की मंत्रि-परिषद ने भोपाल में वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (Finance Training & Research Institute – FTRI) खोलने की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि एफटीआरआई की स्थापना का उद्देश्य राज्य की वित्तीय शासन प्रणाली और प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करना है। वर्तमान में प्रदेश में सात संभागीय लेखा प्रशिक्षण शालाएँ संचालित हैं, लेकिन उनमें प्रशिक्षण का मानकीकरण, डिजिटल दक्षता और शोध एवं नवाचार की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसी कमी को पूरा करने के लिए एक उच्च गुणवत्ता और आधुनिक संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता थी।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि संस्थान को प्रशिक्षण, शोध, नीति समर्थन और नवाचार में राष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्टता केन्द्र बनाया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंध संस्थान (NIFM), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नाबार्ड (NABARD) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से समन्वय किया जाएगा। संस्थान में 13 नियमित पदों की संरचना प्रस्तावित की गई है, जिनकी पूर्ति स्थानांतरण और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से होगी। तीन वर्षों में इसके संचालन के लिए लगभग 26 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है।
एफटीआरआई का संचालन आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी की उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग करके किया जाएगा, साथ ही प्रशिक्षण कक्ष और डिजिटल संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। संस्थान की स्थापना से वित्तीय प्रबंधन, लेखा प्रणाली, डिजिटल वित्तीय प्रशासन और नीति निर्माण की क्षमता में सुधार होगा, जिससे प्रदेश में सुशासन और वित्तीय अनुशासन को मजबूती मिलेगी।













