दतिया, 21 अप्रैल।
दतिया जिले के धीरपुरा थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह आग के तांडव से हड़कंप मच गया। ग्राम सेमरी, अकोला और चिरोल के खेतों में भड़की भीषण आग ने देखते ही देखते करीब 4 किलोमीटर के विस्तृत दायरे को अपनी चपेट में ले लिया। तेज हवाओं ने आग में घी का काम किया, जिससे खेतों में कटी रखी गेहूं की लांक (फसल के ढेर) और कीमती कृषि उपकरण जलकर पूरी तरह राख हो गए। किसानों के अनुसार, इस अग्निकांड में बिजली के मोटर पंप और सिंचाई के पाइप भी जल गए हैं, जिससे भारी आर्थिक क्षति हुई है।
क्षेत्रीय किसानों के मुताबिक, आग इतनी विकराल थी कि शुरुआती स्तर पर किए गए तमाम प्रयास विफल साबित हुए। इस आपदा में लगभग 10 से 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। लपटों की तीव्रता को देखते हुए दतिया से दमकल की एक गाड़ी मौके पर भेजी गई, लेकिन आग के विस्तार के सामने एक गाड़ी नाकाफी नजर आई। काफी समय तक अतिरिक्त फायर ब्रिगेड न पहुंचने के कारण स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष और नाराजगी देखी गई।
अग्नि की बेकाबू लपटों के कारण अब रिहायशी बस्तियों पर भी संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने भय व्यक्त किया है कि यदि हवा की दिशा नहीं बदली और पर्याप्त मदद नहीं पहुंची, तो आग घरों तक फैल सकती है, जिससे जनहानि का खतरा पैदा हो सकता है। फिलहाल, प्रशासनिक अमला और ग्रामीण मिलकर आग पर नियंत्रण पाने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। खबर लिखे जाने तक आग को पूरी तरह बुझाया नहीं जा सका है और चारों तरफ धुएं का गुबार छाया हुआ है।










