भोपाल, 05 मई।
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी प्रमुख रही। साथ ही विभिन्न विकास कार्यों के लिए 38,555 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” के लिए 2442 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को मंजूरी दी गई, जिसका उद्देश्य राज्य में दलहनी फसलों के उत्पादन और क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देना है। यह योजना आगामी पांच वर्षों तक लागू रहेगी।
एमएसएमई मंत्री ने बताया कि राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन व्यापारियों के हितों की रक्षा, समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकार व व्यापार जगत के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया है। इसके अंतर्गत जिला स्तर पर भी समितियों का गठन किया जाएगा।
बोर्ड की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे, जबकि विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि और प्रमुख व्यापारिक संगठनों के सदस्य इसमें शामिल होंगे। इसका उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाकर आर्थिक विकास को गति देना है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड की बैठक हर तीन माह में और जिला स्तरीय समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी, जिससे नीतिगत निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
दलहन मिशन के तहत बीज उत्पादन, वितरण, प्रदर्शन, प्रशिक्षण और कटाई के बाद प्रसंस्करण सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और उत्पादन में सुधार होगा।
इस योजना को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण मिशन से अलग कर विशेष रूप से लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।
विकास कार्यों के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण, सेतु निर्माण, आवास अनुरक्षण और ग्रामीण सड़कों के उन्नयन के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, सूचना प्रौद्योगिकी योजनाएं और नेटवर्क विस्तार परियोजनाओं के लिए भी करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी गई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनबाड़ी भवन निर्माण और बाल संरक्षण योजनाओं के लिए भी 2412 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं के कल्याण कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी।






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